वृहद ब्रह्मांड -3-- क्या हमारा ब्रह्माण्ड स्थिर है !
सारी दुनिया स्थिर है ! जब मैंने एक सज्जन से कहा तो उन्होंने कहा:- सुनने में बड़ा अटपटा सा लग रहा है। सारी दुनिया गतिशील है और आप कह रहे हैं कि पूरी दुनिया स्थिर है ! तो मैंने कहा -- कभी कभी स्थिर चीज भी गतिशील मालूम पड़ते हैं और गतिशील चीज भी स्थिर। आपने सिनेमा देखा होगा। सिनेमा के पर्दे पर फिल्म चलती है जिसे हम चलचित्र कहते हैं। सिनेमा के पर्दे पर हमें चलते हुए चित्र दिखाए जाते हैं। आप ध्यान से सोंचे तो क्या पर्दे पर कोई चित्र चलता है? वास्तव में पर्दे पर कोई चित्र नहीं चलता है बल्कि हमें चलते हुए दिखाई देते हैं। होता ये है कि कोई चित्र अपने स्थान से गायब हो जाता है और उसी के जैसा नया चित्र आगे प्रकट हो जाता है और हमें लगता है कि वही चित्र आगे बढ़ गया। पर्दे पर कोई चित्र नहीं चलता है बल्कि ये चित्र अपने स्थान से गायब होते रहते है और आगे आगे नए चित्र प्रकट होते जाते हैं। पर्दे पर इन चित्रों चलना सिर्फ दो आयामों में होता है। उसी प्रकार हमारे इस त्रिआयामी ब्रह्मांड में भी जब कोई पिंड गति करता है तो वह स्वयं आगे नहीं बढ़ता बल्कि वह पिंड अपने स्थान से गायब होकर...