शून्य और अनंत
आइए हम शून्य और अनंत पर विचार करते हैं । आप कहेंगे शून्य हमें कुछ कुछ समझ में आता है परंतु अनंत को हम समझ नहीं पाते । हम कहते हैं कि शून्य का मतलब कुछ नहीं होता है । परंतु शून्य और कुछ नहीं में अंतर है। जैसे हम कहते हैं कि इस कमरे में कुछ नहीं है। पुनः हम कहते हैं कि इस कमरे में शून्य बंदर है। क्या दोनों में कोई अंतर नहीं है ? दो बच्चों को एक टोकरी के पास भेजते हैं कि जाकर देखो कि टोकरी में क्या है ? एक बच्चा आकर कहता है कि टोकरी में कुछ नहीं है। दूसरा बच्चा आकर कहता है कि टोकरी में शून्य आम है। अब हम पूछते हैं कि क्या दोनों का एक ही मतलब है ? आइए हम शून्य का गणित देखते हैं। शून्य में शून्य जोड़ते हैं तो उत्तर शून्य होता है। शून्य में से शून्य को घटाते हैं तो उत्तर शून्य होता है। शून्य और अनंत को समझने के लिए इस किताब को अवश्य पढ़ें :-